Emotion 7 series

 



अंतःस्पंदन”
झुके नयन—
मानो भीतर कोई प्रश्न अभी भी जाग रहा है,
धीमी रोशनी में
स्वरहीन संवाद आकार ले रहा है।
क्या है यह—
संतप्त नहीं, पर शांत भी नहीं,
अंतरमन में उठता सूक्ष्म शोर,
जो स्वयं में ही लय खोज रहा है।

रिद्धिमा 


Comments