Wake Up Call


 बहुत बेचैन होकर कहा,

पर जब कहा 'मैं ' केन्द्र में रहा,

तुमसे वास्ता मेरा बहुत दिल के करीब रहा,
पर "मैं " और "तुम " फिर भी बना रहा,
गुणगान तो कुछ दिल से है तेरा किया ,
पर फिर भी "मैं ही हूँ " ये न मुझसे हुआ,
वो तृप्त आत्मा, वो एकत्व भाव का,
वो एक तिनका बचाव का,
दिल में है बसा हुआ,
साथ है तू मेरे,
ये भी तो है तूने दिया,
पर नीर छीर का भेद तो अबभी है बना हुआ ,
अक्स की महत्ता ने,
झूठ है बना दिया,
जानकर भी न जाना ये,
तो सब जानकर भी,
मैंने क्या है जानकर किया।।
रिद्धिमा
21/3/21

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